गुरुदेव के चरणों में...

पहले गुरु माता- पिता, वंदन शीश झुकाय।
बिन इनके संभव नहीं, जीवन सुख है पाय।।

नमन उन्हें जो दे गए, जीवन का हर मर्म ।
चलूँ सदा मैं नेक पथ, करूँ नेक मैं कर्म।।

भले कठिन हो राह पर, करते वो आसान ।
ईश तुल्य गुरु हैं सुनो, हरदम रखना मान..!!


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