मेरा खुन-ए-दिल माँग लो

मेरी मुहब्बत का युँ इम्तहान ना लो
मुहब्बत है तु मेरी बस ये जान लो
नहीँ आता मुझे तेरी मुहब्बत के सिवा कुछ भी
गर यकीँ ना हो तो मेरा खुन-ए-दिल माँग लो

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