वफा मैनेँ की है वफा चाहता हुँ

वफा मैनेँ की है वफा चाहता हुँ
खुद से भी ज्यादा मैँ तुझे चाहता हुँ
ना दिन की फिकर ना रात का गम है
जो केवल तुझे देखे वो नजर चाहता हुँ
बैठे रहो तुम पास मेरे ना हो दुरियाँ
जुदा ना हो हम कभी ऐसा हमसफर चाहता हुँ

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