बेबसी ने मुझे इस कदर सताया है

बेबसी ने मुझे इस कदर सताया है

खुद की लाचारी पर अब मुझे रोना आया है

जिन्दगी तुझसे मै एक सवाल पुछता हुँ

तुने दिया किया है मुझे केवल खोया हुँ

किरदार भी दिया तुमने तो ये कैसा दिया

खुद को ही तुमने खुद से जुदा
किया

ना खुशी दी ना खुशनुमा संसार दिया

ना दिल दी ना मुहब्बत और प्यार दिया

दिया केवल जमाने मे तुमने खुदगर्जी की सौगात

अपने ही आज अपनोंं पर लगाए बैठे हैं घात

खुन के रिश्ते अब खुनोंं की होली खेलते हैं

सगे संबंधी भी केवल तंज की बोली बोलते हैं

कुछ नहींं रह गया है अब इस दुनिया मे  ए जिंदगी

जिंदा हुँ तो इसलिए की केवल कुछ साँस बाकी है
जो अब तलक चलती है

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